उत्तर प्रदेश में दुग्ध क्रांति: 40% उत्पादन वृद्धि ने कैसे बदल दी किसानों की किस्मत

उत्तर प्रदेश ने कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए दुग्ध उत्पादन में लगभग 40% की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2016-17 में जहां राज्य का दूध उत्पादन लगभग 277 लाख मीट्रिक टन था, वहीं 2024-25 तक यह बढ़कर 388 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गया है, जिससे उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बनकर उभरा है।

इस अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे सरकार की योजनाबद्ध नीतियां, डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और ग्रामीण स्तर पर किए गए ठोस प्रयास प्रमुख कारण हैं। राज्य में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए आधुनिक दूध संग्रहण प्रणाली, चिलिंग सेंटर और सप्लाई चेन को बेहतर बनाया गया है, जिससे उत्पादन और वितरण दोनों में तेजी आई है।

इस दुग्ध क्रांति की सबसे बड़ी ताकत ग्रामीण महिलाएं बनी हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लाखों महिलाएं डेयरी गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। लगभग 31 जिलों में महिला समूह प्रतिदिन लाखों लीटर दूध का संग्रहण कर रहे हैं और हजारों करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली है।

इतना ही नहीं, राज्य में लाखों महिला किसानों को विभिन्न दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें नियमित आय का स्रोत मिला है और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। यह वृद्धि केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक मजबूती का प्रतीक बन चुकी है।

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